World Map / Atomic Habits Pdf

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको World Map देने जा रहे हैं। आप नीचे की लिंक से इसे फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।

 

 

 

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Atomic Habits Pdf in Hindi

 

 

Atomic Habits Pdf फ्री डाउनलोड 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

जीव शाश्वत रूप से व्यष्टि आत्मा है। सैद्धांतिक रूप से उसके लिए यह समझ पाना कठिन होता है कि वह शरीर नहीं है। श्रीमद्भागवत में पाया जाता है कि यदि अंततः भगवान की शरण में जाना ही है।

 

 

 

 

(इस शरण में जाने की प्रक्रिया को भक्ति कहते है) तो ब्रह्म क्या है और क्या नहीं है – इस जिज्ञासा में ही उलझने की कोई आवश्यकता ही नहीं है।

 

 

 

 

मनुष्य को सीधे-सीधे कृष्ण भावनामृत होकर भगवान की भक्ति करने की आवश्यकता है। क्योंकि आत्म साक्षात्कार के लिए ब्रह्म को समझने वाला पथ कष्टप्रद होता है और इसका अंतिम फल अनिश्चित रहता है।

 

 

 

 

कृष्ण भावनामृत में अनुरक्त हुआ मनुष्य मात्र गुरु के पथ प्रदर्शन द्वारा, आर्चाविग्रह के नमस्कार मात्र से, भगवान की महिमा के श्रवण मात्र से, भगवान को चढ़ाए उच्छिष्ठ भोजन को खाने मात्र से ही भगवान को सरलता से समझ लेता है।

 

 

 

 

इसमें तनिक भी संदेह नहीं है कि निर्विशेषवादी व्यर्थ में ही कष्ट कारक पथ को ग्रहण करते है। जिसमे परम सत्य का साक्षात्कार अंततः संदिग्ध ही बना रहता है।

 

 

 

 

 

किन्तु सगुण वादी बिना किसी संकट के भगवान के पास सीधे पहुंच जाते है क्योंकि उनके पास कृष्ण भावनामृत के रूप में एक शसक्त पथ प्रदर्शक होता है।

 

 

 

 

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