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विक्रम विलास Pdf Download / Vikram Vilas Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Vikram Vilas Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Vikram Vilas Pdf कर सकते हैं और आप यहां से How To Talk To Anyone Pdf Hindi कर सकते हैं।

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Vikram Vilas Pdf

 

 

 

पुस्तक का नाम  Vikram Vilas Pdf
पुस्तक के लेखक  भोलानाथ 
फॉर्मेट  Pdf 
साइज  3.9 Mb 
पृष्ठ  58 
भाषा  संस्कृत 
श्रेणी  कहानी 

 

 

विक्रम विलास Pdf Download

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

कुछ ही दिनों बाद 1666 को शिवाजी महाराज को जान से मारने का औरंगजेब ने इरादा बनाया था लेकिन अपने बेजोड़ साहस और युक्ति के साथ शिवाजी और संभाजी दोनों कैद से भागने में सफल हो गये। संभाजी को मथुरा में एक ब्राह्मण के यहाँ छोड़ कर शिवाजी महाराज बनारस चले गये थे और बाद में सकुशल राजगड आ गये।

औरंगजेब ने जयसिंह पर शक आया और उसने विष देकर उसकी हत्या करा दी. जसवंत सिंह के द्वारा पहल करने के बाद शिवाजी ने मुगलों से दूसरी बार संधि की. 1670 में सूरत नगर को दूसरी बार शिवाजी ने लुटा था, यहाँ से शिवाजी को 132 लाख की संपति हाथ लगी और शिवाजी ने मुगलों को सूरत में फिर से हराया था।

 

 

 

सन 1674 तक शिवाजी ने उन सारे प्रदेशों पर अधिकार कर लिया था जो पुरंदर की संधि के अन्तर्गत उन्हें मुगलों को देने पड़े थे. बालाजी राव जी ने शिवाजी का सम्बन्ध मेवाड़ के सिसोदिया वंश से मिलते हुए प्रमाण भेजे थें. इस कार्यक्रम में विदेशी व्यापारियों और विभिन्न राज्यों के दूतों को इस समारोह में बुलाया था।

 

 

 

शिवाजी ने छत्रपति की उपाधि धारण की और काशी के पंडित भट्ट को इसमें समारोह में विशेष रूप से बुलाया गया था. शिवाजी के राज्यभिषेक करने के 12वें दिन बाद ही उनकी माता का देहांत हो गया था और फिर दूसरा राज्याभिषेक हुआ।

शिवाजी अपने आखिरी दिनों में बीमार पड़ गये थे और 3 अप्रैल 1680 में शिवाजी की मृत्यु हो गयी थी. उसके बाद उनके पुत्र को राजगद्दी मिली. उस समय मराठों ने शिवाजी को अपना नया राजा मान लिया था. शिवाजी की मौत के बाद औरंगजेब ने पुरे भारत पर राज्य करने की अभिलाषा को पूरा करने के लिए अपनी 5,00,000 सेना को लेकर दक्षिण भारत का रूख किया।

 

 

 

1700 ई. में राजाराम की मृत्यु हो गयी थी उसके बाद राजाराम की पत्नी ताराबाई ने 4 वर्ष के पुत्र शिवाजी 2 की सरंक्षण बनकर राज्य किया. आखिरकार 25 साल मराठा स्वराज के युद्ध थके हुए औरंगजेब की उसी छत्रपति शिवाजी के स्वराज में दफन किये गये।

 

 

 

छत्रपति महराज को एक कुशल और प्रबल सम्राट के रूप में जाना जाता हैं. शिवाजी को बचपन में शुरूआती शिक्षा ठीक नहीं मिल पायी थी. लेकिन शिवाजी जी भारतीय इतिहास और राजनीति से परिचित थे. शिवाजी ने शुक्राचार्य और कौटिल्य को आदर्श मानकर कूटनीति का सहारा लेना कई बार ठीक समझा था।

शिवाजी महाराज एक तेज और चालाक शासक थे. वे समकालीन मुगलों की तरह कुशल थे. मराठा साम्राज्य 4 भागों में विभाजित था. हर राज्य मे एक सूबेदार होता था जिसको प्रान्तपति कहा जाता था. हर सूबेदार के पास भी एक अष्ट-प्रधान समिति होती थीं।

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