Advertisements

7 + Varahamihira Books Pdf In Hindi / 7 + वराहमिहिर बुक्स Pdf

Advertisements

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Varahamihira Books Pdf In Hindi देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Varahamihira Books Pdf In Hindi Download कर सकते हैं और आप यहां से  नारायण दत्त श्रीमाली बुक्स पढ़ सकते हैं।

 

Advertisements

 

 

 

Varahamihira Books Pdf In Hindi / वराहमिहिर बुक्स पीडीएफ

 

 

1- बृहज्जातकम् Pdf Download

 

2- बृहत्संहिता पीडीएफ डाउनलोड भाग 1

 

Advertisements
7 + Varahamihira Books Pdf In Hindi
7 + Varahamihira Books Pdf In Hindi
Advertisements

 

 

3- बृहत्संहिता पीडीएफ डाउनलोड भाग 2

 

4- बृहत्सहिता पीडीएफ डाउनलोड 

 

 

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

3- समस्त पुरवासी केवट से मिलकर उसके भाग्य की सराहना करते है। श्री राम जी सब माताओ को दुखी देखा मानो सुंदर लता की पंक्ति को तुषार (पाला) मार गया हो।

 

 

 

 

4- सबसे पहले श्री राम जी कैकेयी से मिले, अपने सरल स्वभाव तथा भक्ति से उसकी बुद्धि को भिगो दिया। फिर चरणों में गिरकर काल, कर्म और विधाता के सिर दोष लगाकर श्री राम जी ने उनको सांत्वना दी।

 

 

 

 

244- दोहा का अर्थ-

 

 

 

फिर श्री रघुनाथ जी सब माताओ से मिले। उन्होंने सबको समझा बुझाकर संतोष कराया कि हे माता! जगत ईश्वर के अधीन है,किसी को भी दोष नहीं देना चाहिए।

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- फिर दोनों भाइयो ने ब्रह्मणो की स्त्रियों सहित-जो भरत जी के साथ आयी थी। गुरु जी की पत्नी अरुंधती जी के चरण की वंदना की और उन सबको गंगा जी और गौरी जी के समान ही सम्मान दिया। वह सब आनंदित होकर कोमल वाणी से आशीर्वाद देने लगी।

 

 

 

 

2- फिर दोनों भाई पैर पकड़कर सुमित्रा जी की गोद से जा लगे। मानो किसी दरिद्र को सम्पत्ति मिल गई हो। फिर दोनों भाई माता कौशल्या के चरणों में गिर पड़े। प्रेम से उनके सब अंग शिथिल है।

 

 

 

 

3- बड़े ही स्नेह से माता ने उन्हें हृदय से लगाया और नेत्र के आसुओ से उन्हें नहला दिया। उस समय के हर्ष और विषाद को कवि कैसे कहे? जैसे गूंगा स्वाद नहीं बता सकता?

 

 

 

 

4- श्री रघुनाथ जी ने छोटे भाई लक्ष्मण जी सहित माता कौशल्या से मिलकर गुरु से कहा कि आश्रम पर पधारिये। मुनीश्वर वशिष्ठ जी की आज्ञा से सभी अयोध्या वासी सब लोग जल और थल की सुविधा देखकर उतर गए।

 

 

 

 

मित्रों, यह पोस्ट Varahamihira Books Pdf In Hindi आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!