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Sita Mithila Ki Yoddha PDF / सीता मिथिला की योद्धा हिंदी पीडीऍफ़ डाउनलोड

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मित्रों इस पोस्ट में Sita Mithila Ki Yoddha PDF Free दिया जा रहा है। आप नीचे की लिंक से सीता मिथिला की योद्धा हिंदी पीडीऍफ़ डाउनलोड कर सकते हैं।

 

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सीता मिथिला की योद्धा फ्री Pdf Books Download

 

 

 

 

 

 

पुस्तक का नाम सीता मिथिला की योद्धा 
पुस्तक के लेखक अमीष त्रिपाठी 
भाषा हिंदी 
श्रेणी उपन्यास 
फॉर्मेट Pdf
पृष्ठ 305
साइज 2 Mb

 

 

 

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हिंदी कहानी 

 

 

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स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है, ” विश्व  में अधिकांश लोग इसलिए असफल हो जाते हैं, क्योंकि उनमें समय पर साहस का संचार नही हो पाता और वे भयभीत हो उठते हैं।

 

 

 

 

यह बाते उनकी जीवन काल की घटनाओं में सजीव दिखाती है।  आज ऐसी ही एक वाक्या के बारे में बताने जा रहा हूँ। 1893 में शिकागो में विश्व धर्म सम्मलेन चल रहा था। स्वामी विवेकानंद जी भी उसमें बोलने के लिए गए हुए थे।

 

 

Sita Mithila Ki Yoddha PDF
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११ सितम्बर को उनका व्याख्यान होना था। मंच के ब्लैक बोर्ड पर लिखा हुआ था- हिन्दू धर्म – मुर्दा धर्म। कोई साधारण व्यक्ति इसे देखकर अवश्य क्रोधित हो जाता, पर स्वामी जी भला ऐसा कैसे कर सकते थे।

 

 

 

वह बोलने के लियए खड़े हुए और उन्होंने सबसे पहले “अमेरिका के बहनो और भाइयों ” के साथ श्रोताओं को सम्बोधित किया। स्वामीजी के इस  शब्द ने जादू कर दिया, पूरी सभा ने करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया।

 

 

 

 

 

इस हर्ष का कारण था, ” स्त्रियों को प्रथम स्थान देना। ” स्वामी जी ने सारी वसुधा को अपना कुटुबं मानकर सबका स्वागत किया था। भारतीय संस्कृति में निहित शिष्टाचार का यह तरीका किसी को न सूझा था।

 

 

 

 

इस बात का बहुत ही अच्छा प्रभाव पड़ा।  श्रोता मंत्रमुग्ध होकर उन्हें सुनते रहे।  उनके लिए  निर्धारित 5 मिनट कब बीत गया पता ही न चला। अध्यक्ष कार्डिनल गिबन्स ने और आगे बोलने का अनुरोध किया। स्वामीजी 20 मिनट से भी अधिक देर तक बोलते रहे।

 

 

 

 

पुरे अमेरिका में स्वामी जी की चर्चा होने लगी।  देखते ही देखते उनके तमाम शिष्य बन गए। अपने व्याख्यान से स्वामीजी ने यह सिद्ध कर दिया कि  हिन्दू धर्म भी श्रेष्ठ है।

 

 

 

हिन्दू धर्म में सभी धर्मों  को अपने अंदर समाहित करने की क्षमता है। भारतिय संसकृति, किसी की अवमानना या निंदा नही करती। इस तरह स्वामी विवेकानंद जी ने सात समंदर पार भारतीय संस्कृति  की ध्वजा फहराई।

 

 

 

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Note- हम कॉपीराइट का पूरा सम्मान करते हैं। इस वेबसाइट Pdf Books Hindi द्वारा दी जा रही बुक्स, नोवेल्स इंटरनेट से ली गयी है। अतः आपसे निवेदन है कि अगर किसी भी बुक्स, नावेल के अधिकार क्षेत्र से या अन्य किसी भी प्रकार की दिक्कत है तो आप हमें [email protected] पर सूचित करें। हम निश्चित ही उस बुक को हटा लेंगे। 

 

 

 

 

 

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