Shiv Aarti Pdf in Hindi / शिव आरती Pdf in Hindi

नमस्कार मित्रों, आज हम आपको Shiv Aarti Pdf in Hindi देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Shiv Aarti Pdf in Hindi Download कर सकते हैं।

 

 

 

Shiv Aarti Pdf Hindi / शिव आरती पीडीएफ फ्री डाउनलोड 

 

 

 

शिव आरती पीडीएफ डाउनलोड 

 

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

भगवान कहते है कि इस संसार में जीव अपनी देहात्म बुद्धि को एक शरीर से दूसरे शरीर में उसी तरह ले जाता है जिस तरह वायु सुगन्धि को ले जाता है। इस प्रकार वह एक शरीर धारण करता है और फिर इसे त्यागकर दूसरा शरीर धारण करता है।

 

 

 

 

उपरोक्त शब्दों का तात्पर्य – यह दावा मिथ्या है कि इस शरीर के नाश होने पर सब कुछ समाप्त हो जाता है। यहां पर जीव को ईश्वर अर्थात अपने शरीर का नियामक कहा गया है।

 

 

 

इस विषय में उसे (जीव को) थोड़ी स्वतंत्रता प्राप्त होती है। शरीर में होने वाले परिवर्तन पर ही निर्भर करता है कि उसका जन्म कहाँ होगा ।

 

 

 

 

मृत्यु के समय जीव की जैसी चेतना होगी उसे वैसा ही शरीर प्राप्त होगा यथा – अगर मृत्यु के समय जीव की चेतना कृष्ण भावनामृत होगी तो उसे आध्यात्मिक जगत कृष्ण लोक में जाना होगा।

 

 

 

 

जहां उसे कृष्ण का सानिध्य प्राप्त होता है। आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में देहांतरण करता है और वर्तमान शरीर तथा वर्तमान कार्य कलाप ही अगले शरीर का आधार बनते है।

 

 

 

 

जीव यदि मृत्यु के समय अपनी चेतना को अगर कुत्ते या बिल्ली के जैसी बनाता है तो उसे अगला शरीर कुत्ते या बिल्ली का प्राप्त होगा।

 

 

 

 

जीव यदि अपनी चेतना को दैवीयगुण में स्थित करता है तो उसे देवता का स्वरुप प्राप्त होता है। कर्म के अनुसार भिन्न शरीर प्राप्त होता है यहां कहा गया है कि सूक्ष्म शरीर (इस भौतिक शरीर के अंदर एक दूसरा शरीर है जिसे सुक्ष शरीर कहा जाता है। भौतिक शरीर जिसे स्थूल शरीर कहा जाता है। वह दिखाई देता है लेकिन सूक्ष्म शरीर दिखाई नहीं देता है) जो अगले शरीर का वहन करता है वही अगले जीवन में दूसरा शरीर निर्माण करता है।

 

 

 

 

इस एक शरीर से दूसरे शरीर में देहांतरण की प्रक्रिया तथा शरीर में रहते हुए संघर्ष करने को ‘कर्षति’ अर्थात जीवन संघर्ष कहते है।

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट Shiv Aarti Pdf in Hindi आपको कैसी लगी जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिए इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

इसे भी पढ़ें —-शिव तांडव स्तोत्र Pdf

 

 

 

 

Leave a Comment