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Saral Hastrekha Shastra Pdf Hindi / सरल हस्तरेखा शास्त्र Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Saral Hastrekha Shastra Pdf Hindi देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Saral Hastrekha Shastra Pdf Hindi Download कर सकते हैं और आप यहां से Palmistry in Hindi Pdf भी पढ़ सकते हैं।

 

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Saral Hastrekha Shastra Pdf Hindi / सरल हस्तरेखा शास्त्र पीडीऍफ़ 

 

 

सरल हस्तरेखा शास्त्र पीडीएफ डाउनलोड 

 

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Saral Hastrekha Shastra Pdf Hindi
Saral Hastrekha Shastra Pdf Hindi
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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

दोहा का अर्थ-

 

 

 

फिर भय, प्रेम, विनय और बड़े संकोच के साथ ही दोनों भाई गुरु के चरण कमलो में सिर नवाये और आज्ञा पाकर बैठे।

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

 

1- संध्या के समय मुनि ने आज्ञा दी, तब सबने संध्यावंदन किया। फिर प्राचीन कथाये तथा इतिहास कहते-कहते सुंदर रात्रि दो पहर बीत गई।

 

 

 

 

2- तब श्रेष्ठ मुनि ने जानकर विश्राम किया। दोनों भाई उनके चरण दबाने लगे। जिनके चरण कमलो के स्पर्श और दर्शन के लिए वैराग्यवान पुरुष भी भांति-भांति के जप और योग करते है।

 

 

 

 

3- वह ही दोनों भाई प्रेम द्वारा जीत लिए जाने पर प्रेम पूर्वक गुरु जी के चरण कमलो को दबा रहे है। मुनि ने बार-बार आज्ञा दी, तब श्री राम जी ने जाकर शयन किया।

 

 

 

 

4- श्री राम जी के चरणों को हृदय से लगाकर भय और प्रेम सहित परम सुख का अनुभव करते हुए लक्ष्मण जी उनको दबा रहे है। प्रभु श्री राम जी ने बारे-बार कहा हे तात अब सो जाओ, तब वह उन चरण कमलो को हृदय में धारण करके लेट गए।

 

 

 

226- दोहा का अर्थ-

 

 

 

रात बीतने पर मुर्गे का शब्द सुनकर लक्ष्मण जी उठे। जगत के स्वामी सुजान श्री राम जी गुरु से पहले ही उठकर जाग गए।

 

 

 

48- पुण्य वाटिका निरीक्षण, सीता जी का प्रथम दर्शन श्री सीता राम जी का परस्पर दर्शन 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- सब शौच क्रिया करके वह लोग जाकर नहाये। फिर नित्य कर्म समाप्त करके उन्होंने मुनि को मस्तक नवाया। पूजा का समय जानकर गुरु की आज्ञा पाकर दोनों भाई फूल लेने चले।

 

 

 

2- उन्होंने जाकर राजा का सुंदर बाग़ देखा, उस बाग़ को देखकर बसंतु ऋतु भी मुग्ध हो गई है। मन को लुभाने वाले अनेक वृक्ष लगे है। रंग-बिरंगी उत्तम लताओं के मंडप छाये हुए है।

 

 

 

3- नए पत्ते, फूलो और फलो से युक्त सुंदर वृक्ष अपनी सम्पत्ति से कल्प वृक्ष को भी लजा रहे है। पपीहे, कोयल, तोते, चकोर आदि पक्षी मीठी बोली बोल रहे है और मोर सुंदर नृत्य कर रहे है।

 

 

 

4- एक सुंदर सरोवर जो बाग़ के बीच में सुशोभित है, जिसमे विचित्र ढंग से मणियों की सीढ़ियां बनी हुई है, जिसमे अनेक रंग के कमल खिले हुए है और उसका जल तो एकदम निर्मल है। वहां भवरे गुंजायमान हो रहे है तथा पक्षी जल में कलरव कर रहे है।

 

 

 

 

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