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Rich Dad Poor Dad in Hindi Pdf / Rich Dad Poor Dad Hindi Pdf Free

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नमस्कार मित्रों, हम इस पोस्ट में Rich Dad Poor Dad in Hindi Pdf देने जा रहे हैं। आप नीचे की लिंक से Rich Dad Poor Dad in Hindi Pdf file Download Free कर सकते हैं।

 

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Rich Dad Poor Dad in Hindi Pdf / रिच डैड पुअर डैड इन हिंदी PDF

 

 

 

 

 

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Rich Dad Poor Dad in Hindi Pdf
Rich Dad Poor Dad in Hindi Pdf
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Rich Dad Poor Dad एक बहुत ही बढियाँ बुक है। आपको इसे जरूर ही पढ़ना चाहिये। यह हर वर्ग के लिए एकदम बेस्ट बुक है।

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए 

 

 

 

भगवान को प्राप्त – भक्ति योगी – श्री कृष्ण कहते है – हे अर्जुन ! मुझे प्राप्त करके वह महापुरुष जो भक्ति योगी है, कभी भी दुखो से पूर्ण इस अनित्य जगत में नहीं लौटते क्योंकि उन्हें परम सिद्धि प्राप्त हो चुकी होती है।

 

 

 

उपरोक्त शब्दों का तात्पर्य – चूंकि यह नश्वर जगत, जन्म, जरा, मृत्यु के क्लेशो से परिपूर्ण है। अतः जो परम सिद्धि प्राप्त करता है और परम लोक कृष्ण लोक या गोलोक वृन्दावन को प्राप्त होता है, वह वहां से कभी वापस नहीं आना चाहता है।

 

 

 

महात्मा अनुभव सिद्ध भक्तो से दिव्य संदेश प्राप्त करते है और इस प्रकार वह धीरे-धीरे कृष्ण भावनामृत में भक्ति विकसित करते है और दिव्य सेवा में इतने लीन हो जाते है कि न तो किसी भौतिक लोक में जाना चाहते है। यहां तक कि वह किसी आध्यात्मिक लोक में भी नहीं जाना चाहते है उनके लिए तो कृष्ण का सामीप्य ही सर्वोपरि होता है।

 

 

 

 

परमलोक को वेदो में अव्यक्त, अक्षर तथा परम गति कहा गया है। दूसरे शब्दों में यह लोक हमारी भौतिक दृष्टि से सर्वथा परे है और अवर्णनीय है। किन्तु यह चरम लक्ष्य है जो महात्माओ का गंतव्य स्थान है।

 

 

 

 

यही जीवन की सबसे बड़ी सिद्धि है, यहां भगवान कृष्ण के सगुणवादी भक्तो का विशेष रूप से उल्लेख हुआ है। यह भक्त कृष्ण भावनामृत में जीवन की सबसे बड़ी सिद्धि प्राप्त करते है, दूसरे शब्दों में वह सर्वोच्च आत्माए है।

 

 

 

 

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