Advertisements

Rabindranath Tagore Books / राजतरंगिणी हिंदी Pdf Free Download

Advertisements

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Rabindranath Tagore Books देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Rabindranath Tagore Books Download कर सकते हैं।

 

Advertisements

 

Advertisements
Rajatarangini Hindi Pdf Free Download
यहां से राजतरंगिणी हिंदी Pdf Free Download करें।
Advertisements

 

 

Rabindranath Tagore Books Pdf Hindi
परी रबीन्द्रनाथ टैगोर की कहानी Pdf Download
Advertisements

 

 

 

काबुलीवाला Kabuliwala by Rabindranath Tagore in Hindi | हिन्दीकुंज,Hindi  Website/Literary Web Patrika
काबुलीवाला तथा अन्य कहानियां Pdf Download
Advertisements

 

Nati Ki Pooja | नटी की पूजा By Tagore,rabindranath
नटी की पूजा Pdf Download
Advertisements

 

 

गीतांजलि Book Pdf Free
गीतांजलि Book Pdf Free
Advertisements

 

 

राज सन्यासी Rabindranath Tagore Books Pdf Hindi
राज सन्यासी Pdf Download
Advertisements

 

 

अनेको प्रकार के मंगल कलश को प्रत्येक घर में सजावट के साथ रखा गया है। श्री राम जी पूरी अयोध्या को देखते हुए, ब्रह्मा आदि सब देवता संकोच रहे है।

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- उस समय राजमहल की शोभा को नहीं कहा जा सकता है। उसकी सुंदर रचना को देखकर कामदेव का मन भी मोहित हो जाता है। मंगल शकुन, मनोहरता सब रिद्धि सिद्धि और सुहावनी सम्पत्ति।

 

 

 

2- और सब प्रकार के उत्साह और आनंद मानो सुंदर शरीर धारण करके दशरथ जी के घर में छाये हुए है। श्री राम जी और सीता जी के दर्शन की लालसा ऐसे में भला किसे नहीं होगी?

 

 

 

 

3- सभी सुहागिन स्त्रियों का समूह चला। जिनकी सुंदर छवि को देखकर कामदेव की स्त्री रति भी लज्जित हो रही है। सुंदर मंगल द्रव्य लेकर आरती सजाये हुए गान कर रही है। मानो सरस्वती जी अनेक वेश धारण करके गा रही है।

 

 

 

4- आनंद की अधिकता से राजमहल में शोर मच रहा है। उस समय जो सुख व्याप्त था उसका वर्णन तो संभव ही नहीं है। कौशल्या के साथ श्री राम जी सब माताएं विशेष प्रेम के वशीभूत होने से अपने शरीर की सुध ही भूल गई।

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट Rabindranath Tagore Books आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!