Advertisements

Maheshwari Tantra Pdf Hindi / योगिनी तंत्र Pdf

Advertisements

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Maheshwari Tantra Pdf Hindi देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Maheshwari Tantra Pdf Hindi Download कर सकते हैं।

 

Advertisements

 

 

 

Maheshwari Tantra Pdf Hindi / योगिनी तंत्र Pdf 

 

 

 

Advertisements
Maheshwari Tantra Pdf Hindi
यहां से माहेश्वरी तंत्र Pdf Download करे।
Advertisements

 

 

 

 

64 योगिनी तंत्र पीडीएफ डाउनलोड 
यहां से 64 योगिनी तंत्र पीडीएफ डाउनलोड करे।
Advertisements

 

 

 

असली प्राचीन लाल किताब Pdf Download
यहां से असली प्राचीन लाल किताब Pdf Download करे।
Advertisements

 

 

 

आसाम बंगाल का जादू किताब पीडीऍफ़ डाउनलोड 
यहां से आसाम बंगाल का जादू किताब पीडीऍफ़ डाउनलोड करे।
Advertisements

 

 

 

 

असली प्राचीन काली किताब Pdf Download
यहां से असली प्राचीन काली किताब Pdf Download करे।
Advertisements

 

 

 

 

Gupt Sadhana Tantra book pdf free Download in Hindi
यहां से Gupt Sadhana Tantra book pdf free Download in Hindi में डाउनलोड करे।
Advertisements

 

 

 

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

नगाड़े बजाकर और परम सुख को प्राप्त करके अपने-अपने लोक को चले और उनके हृदय में बहुत ही उत्साह था। वह एक दूसरे से श्री राम जी का यश गान कहते हुए चले जा रहे है।

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- सब प्रकार से सबका भली प्रकार से आदर सत्कार कर लेने पर राजा दशरथ जी के हृदय में पूर्ण रूप से उत्साह भर गया, जहां रनिवास था वहां वह आ गए और बहुओ समेत उन्होंने सभी कुमारो को देखा।

 

 

 

2- राजा ने आनंद के साथ पुत्रो को गले में समेट लिया और उस समय राजा को जो सुख प्राप्त हुआ उसे कौन कह सकता है? फिर पुत्रवधुओं को गोद में बैठाकर प्रेम सहित बार-बार हृदय में हर्षित होकर उन्होंने उनका दुलार किया।

 

 

 

 

3- यह समाज समारोह देखकर रनिवास प्रसन्न हो गया सबके हृदय में आनंद ने निवास कर रखा है। तब राजा ने जिस तरह से विवाह हुआ था वह सब कहा। उसे सुनकर सब किसी को हर्ष हो रहा था।

 

 

 

 

4- राजा जनक के गुण, शील, महत्व, प्रीति और रीति और सुहावनी सम्पत्ति का वर्णन राजा ने एक भाट की तरह बहुत प्रसंशा करते हुए अनेक प्रकार से कहा। जनक जी की करनी सुनकर सब रानियां बहुत प्रसन्न हुई।

 

 

 

354- दोहा का अर्थ-

 

 

 

पुत्रो सहित स्नान करके राजा ने ब्राह्मण, गुरु और कुटुम्बियों को बुलाकर अनेक प्रकार से भोजन किए, यह सब करते-करते पांच घड़ी रात बीत गई।

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट Maheshwari Tantra Pdf Hindi आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!