Kritya Tantra Pdf / हमजाद साधना बुक पीडीएफ

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Kritya Tantra Pdf / हमजाद साधना बुक पीडीएफ

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

सभी सुंदर स्त्रियां मंगलगान कर रही है। वह रात्रि सुख की मूल और मनोहारिणी हो गयी, सबने आचमन करके पान खाए और फूलो की माला सुगंधित द्रव्य आदि से विभूषित होकर शोभायमान हो गए।

 

 

 

2- श्री राम जी को देखकर और आज्ञा पाकर सब सिर नवाकर अपने-अपने घर को चले गए। वहां के प्रेम, आनंद, विनोद, महत्व समय, समाज और मनोहरता को।

 

 

 

3- सैकड़ो सरस्वती, शेष, वेद, बह्मा, महादेव जी और गणेश जी भी नहीं कह सकते है। फिर भला किस प्रकार से बड़ाई कह सकता हूँ। कही केंचुआ (भूमिनाग) भी धरती को सिर पर उठा सकता है।

 

 

 

4- राजा ने सबका सब प्रकार से सम्मान करके, कोमल वचन कहकर रानियों को बुलाया और कहा – बहुए अभी बच्ची है और पराये घर से आयी है। इनको इस तरह से रखना जैसे पलको में नेत्र रख जाते है और जिस तरह से पलक नेत्रों की रक्षा करती है उसी प्रकार से इन्हे रखना।

 

 

 

 

355- दोहा का अर्थ-

 

 

 

लड़के थके हुए नींद के वश में हो रहे है। इन्हे ले जाकर शयन कराओ। ऐसा कहकर राजा श्री राम जी के चरणों में मन को लगाकर विश्राम भवन में चले गए।

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- राजा के स्वभाव से ही सुंदर वचन सुनकर रानियों ने सुवर्ण के पलंग बिछवाये जिसमे मणियां जड़ी हुई थी। गद्दों के ऊपर दूध के समान सफेद सुंदर और कोमल अनेक चादरे बिछवाई।

 

 

 

2- सुंदर तकिया तो इतनी सुंदर थी कि उसका वर्णन नहीं हो सकता था। मणि के मंदिर में फूलो की मालाये और सुगंधित द्रव्यों की बहुत ही अधिकता है। सुंदर रत्न के दीप और चंदोवा की सुंदरता भी बहुत अधिक है जो वर्णन नहीं हो सकती है। जिसने उन्हें देखा है वही जान सकता है।

 

 

 

3- इस प्रकार सुंदर शैय्या को सजाकर माताओ ने श्री राम जी को उठाया और प्रेम सहित पलंग पर शयन कराया। श्री राम जी ने बार-बार भाइयो को आज्ञा दी तब उन लोगो ने भी जाकर शय्या पर शयन किया।

 

 

 

4- श्री राम जी के सुंदर कोमल अंगो को देखकर सब माताए प्रेम सहित वचन कह रही है। हे तात! तुमने मार्ग में जाते हुए बड़ी भयानक ताड़का राक्षसी को किस प्रकार से मारा?

 

 

 

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