Kitne Pakistan Pdf Hindi Download / 20 + Kamleshwar Prasad Books

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कितने पाकिस्तान विख्यात लेखक कमलेश्वर प्रसाद का बहुत ही प्रसिद्द उपन्यास है। यह उपन्यास भारत – पाकिस्तान के बटवारे पर आधारित है। आप नीचे की लिंक से Kitne Pakistan Book खरीद सकते हैं। क्योंकि बहुत अधिक ढूंढने के बाद भी कितने पाकिस्तान बुक फ्री नहीं मिली है।

 

 

 

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1- पहली कहानी 

 

2- लहर लौट गयी 

 

 

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कश्मीर रात के बाद २०० रुपये मात्र

 

 

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एक सड़क सत्तावन गलियां 166 रुपये मात्र 

 

3- Tamas तमस 

 

4-

 

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लाल लकीर

 

 

कमलेश्वर प्रसाद के बारे में Short Hindi Biography Of Kamleshwar Prasad

 

 

कमलेश्वर प्रसाद अपने उपन्यास ‘कितने पाकिस्तान हो’ के कारण ही खासे चर्चित थे। इसी तरह इनकी अन्य रचनाए भी है जो उनकी लेखनी में चार चांद लगाती है। उनकी अनेक कहानियों का उर्दू में भी अनुवाद हुआ है। इनका जन्म 6 फरवरी 1932 को मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।

 

 

 

कमलेश्वर ने कई फिल्म की पटकथा का लेखन किया था जिसमे रजनी गंधा, सौतन, मि.नटवरलाल सहित कई महत्वपूर्ण फिल्मे है। इसके साथ ही कमलेश्वर ने धारावाहिको में भी पटकथा लेखन किया जिनमे ‘चंद्रकांता’ धारावाहिक को बहुत ही ख्याति मिली थी।

 

 

 

1955 में कमलेश्वर को पद्मभूषण पुरस्कार प्रदान किया गया। कमलेश्वर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्र और पत्रिका के सम्पादन का कार्य भी किया। वह दूरदर्शन के अतिरिक्त महानिदेशक के पद को सुशोभित किया था।

 

 

 

अपने जीवन काल में उन्होंने 100 फिल्मो की पटकथाए भी लिखी थी। इसके अलावा 12 उपन्यास और 17 कहानी संग्रह का लेखन भी किया था। इनका जीवन काल 75 वर्ष का था। 27 जनवरी 2007 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के समय उनका अधूरा उपन्यास ‘अंतिम सफर’ था जिसे उनकी पत्नी ‘गायत्री कमलेश्वर’ के अनुरोध पर तेजपाल सिंह धामा ने पूर्ण किया था।

 

 

 

 

Hindi Kahani 

 

 

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एक बार एक व्यक्ति रेगिस्तान में फंस गया .उसके पास मौजूद खाने – पीने की वस्तुएं धीरे – धीरे समाप्त होने लगीं और एक समय ऐसा आया जब उसके पास पीने के लिए एक बूँद पानी भी नहीं बचा।

 

 

 

 

वह मन ही मन यह जान चुका था कि अगर कुछ घंटों में उसे पानी नहीं मिला तो उसकी मृत्यु निश्चित है. लेकिन उसे भगवान् पर यकीं था. उसे भरोसा था कि कोई ना कोई चमत्कार अवश्य होगा और उसे पानी जरूर मिलेगा.

 

 

 

 

 

वह कुछ दूर किसी तरह चला तो उसे एक झोपड़ी दिखाई दी. उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था क्योंकि इसके पहले वह कई बार रेगिस्तान में भ्रम के कारण धोखा खा चुका था और इससे वह और भी अधिक रेगिस्तान में फंसता चला गया.

 

 

 

 

लेकिन अब उसके पास भरोसा करने के आलावा कोई चारा नहीं बचा था. वह किसी तरह उस झोपड़ी की तरफ बढ़ने लगा. वह जैसे जैसे आगे बढ़ता गया, उसकी उम्मीद बढती गयी.

 

 

 

 

उसे लगा कि इस बार भाग्य उसका अवश्य ही साथ देगा.  वह मंजिल तक पहुँच चुका था. सचमुच वहाँ झोपड़ी थी . पर यह क्या ? वह झोपड़ी तो सालों से वीरान प्रतीत हो रही थी.

 

 

 

 

फिर भी पानी की उम्मीद में वह झोपड़ी में घुसा और अन्दर का नजारा देख वह चौंक गया.    अन्दर एक हैंडपंप लगा हुआ था. उसके अन्दर एक नयी ऊर्जा आ गयी थी.

 

 

 

 

प्यास से तड़प रहा वह व्यक्ति जल्दी जल्दी हैन्डपम्प चलाने लगा. लेकिन यह क्या? वह हैन्डपम्प तो कब का सुखा हुआ प्रतीत हो रहा था.  वह बहुत निराश हो गया और निढाल होकर वहीँ बैठ गया और ऊपर आसमान की तरफ देखकर शायद यह सोचने लगा कि अब उसे कोई नहीं बचा सकता है.

 

 

 

 

तभी उसकी नजर झोपड़ी की छत से बंधी पानी से भरी एक बोतल पर पड़ी.   वह किसी तरह से उसे निकाला और पानी पीने ही वाला था कि उसने बोतल पर चिपके एक कागज़ को देखा.

 

 

 

 

जिसपर लिखा था कि इस पानी का प्रयोग हैंडपंप को चलाने में करें और वापस पानी भरकर रखना ना भूलें. अब वह एक अजीब सी स्थिति में फंस गया था. उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

 

 

 

 

फिर उसने उस बोतल का पानी इस यकीं इस भरोसा के साथ हैंडपंप में डालना शुरू किया कि किसी ना किसी ने तो इसका इस्तेमाल अवश्य ही किया होगा.

 

 

 

पानी डालकर उसने भगवान से प्रार्थना की और दो तीन बार पम्प चलाने के बाद उसमें से ठंडा पानी निकलने लगा. यह उसके लिए किसी अमृत से कम नहीं था.

 

 

 

 

उसने जी भरकर पानी पिया और फिर उस बोतल को भरकर वही टांग दिया. जब वह उस बोतल को टांग रहा था तो उसे सामने एक कांच की बोतल दिखाई दी . उसमें पेन्सिल और कागज़ रखा हुआ था.

 

 

 

 

उत्सुकतावाश उसने उसे खोला तो उसमें उस रेगिस्तान से निकलने का नक्शा बनाया हुआ था. उसने उस रास्ते को याद कर लिया और झोपड़ी से बाहर गया.

 

 

 

 

वह कुछ दूर आगे बढ़ा ही था कि कुछ सोचकर वापस झोपड़ी में आया और उस पानी से भरी हुई बोतल को उतार कर उसके कागज़ पर लिखा “मेरा भरोसा करिए , यह हैंडपंप चलता है “.

 

 

 

 

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