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Kanoon Ka Beta Novel Pdf / कानून का बेटा उपन्यास Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Kanoon Ka Beta Novel Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Kanoon Ka Beta Novel Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से Reema Bharti Upanyas Pdf कर सकते हैं।

 

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Kanoon Ka Beta Novel Pdf Download

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

रघु बोला – प्रताप भाई यह देहात है पानी के लिए एक सरकारी हैंडपंप है जिसे किसी प्रधान ने लगवाया है और चाय पानी तथा अल्पाहार की व्यवस्था लोग स्वयं ही करते है। यहां कोई दान दाता नहीं है। देहात में बहुत ही मुश्किल से पैसा मिलता है सीधी बात में समझो।

 

 

 

 

शहर में हमेशा सभी लोग साफ कपड़ा पहनते है क्योंकि उन्हें कही न कही सर्विस करना है और देहात में साफ की बात छोडो लोग फटे और पुराने कपड़े में भी काम चला लेते है। अच्छा यह बताओ रघु भाई कि आप जहां काम करने जाते है वहां आपको कितनी पगार मिलती है।

 

 

 

 

प्रताप की यह बात रघु को थोड़ा नागवार लगी तभी प्रताप ने बात को बदलते हुए कहा रघु भाई आप पुरानी पहचान वाले मित्र है और मैं आपके ऊपर भरोसा करके एक जिम्मेदारी देना चाहता हूँ। लेकिन प्रताप भाई मैं खेती और बाजार में काम करके अपने बच्चो का परवरिश करता हूँ मैं आपकी दी हुई जिम्मेदारी कैसे निर्वाह करूँगा?

 

 

 

 

इसीलिए तो मैं आपकी पगार पूछ रहा था। ठीक है, रघु बोला – मैं जहां स्वर्णकार के पास कार्य करने जाता हूँ वह मुझे पंद्रह हजार रुपये मासिक देता है। प्रताप बोला – मैं आपको बीस हजार रुपये महीना दूंगा तथा पंद्रह हजार आपको और दूंगा जिसको कहाँ खर्च करना है वह मैं बाद में बताऊंगा।

 

 

 

 

क्या आप मुझे पैतीस हजार रुपये देंगे हर महीना? हां मैं आपको पैतीस हजार रुपये हर महीना दूंगा। रघुराज के लिए यह किसी स्वप्न से कम नहीं था। वह थोड़ा हिचकिचाते हुए बोला – अगर आप किसी महीना हमे पैसा नहीं दे पाए तो हमे फिर से नौकरी करनी पड़ेगी और मैं सबकी नजरो में उपहास का पात्र बन जाऊंगा।

 

 

 

 

रघु भाई आप मेरी पूरी बात सुनो। मैं आपको किसी महीने पैतीस हजार नहीं दे पाया तो आप हमारी लड़की डा. निशा भारती के पास चले जाना वह आपको पैतीस हजार दे देगी क्योंकि मैं सरोज सेवा केंद्र शुरू करना चाहता हूँ जिससे कि हमारे धर्मपत्नी की याद हमेशा के लिए अमिट हो जाय।

 

 

 

 

उस सरोज सेवा केंद्र में आपको बैठकर मंदिर में आने जाने वाले श्रद्धालुओं की सारी सुविधा का ध्यान रखना पड़ेगा। गरीबो के लिए भोजन की व्यवस्था करना पड़ेगा। अनाथ बालिकाओ के लिए विवाह में मदद करनी पड़ेगी। गरीब छात्रों के लिए निःशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था करनी पड़ेगी।

 

 

 

 

ऐसे ही और भी सामाजिक कार्य आपको करने पड़ेंगे अगर आपके पास कोई गरीब ज्यादा पैसे के लिए आ गया तो आप तुरंत ही हमे सूचना देना मैं तत्काल ही आपको पैसा भेज दूंगा और एक बात है – और क्या बात है – रघु जैसे कोई सपना देखते हुए ही पूछ रहा था।

 

 

 

 

उस प्रताप कोई ईश्वर का अवतार ही जान पड़ता था। तुम्हारे दोनों लड़को के पढ़ाई का खर्च मैं उठाऊंगा दोनों लड़के पढ़ने के बाद जो भी करना चाहेंगे मैं उन्हें सहयोग करने के लिए बाध्य रहूंगा। रघु भाई मैं अपने गांव और अगल-बगल का कर्ज चुकाना चाहता हूँ।

 

 

 

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