Advertisements

Kam kala Vilas Pdf Hindi / कामकलाविलास PDF

Advertisements

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Kam kala Vilas Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Kam kala Vilas Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से  कृत्या तंत्र Pdf Download कर सकते हैं।

 

Advertisements

 

 

Kam kala Vilas Pdf / कामकलाविलास पीडीऍफ़ 

 

 

 

कामकलाविलास पीडीऍफ़ डाउनलोड 

 

Advertisements
Kam kala Vilas Pdf Hindi
Kam kala Vilas Pdf Hindi
Advertisements

 

 

 

 

 

Note- इस वेबसाइट पर दिये गए किसी भी पीडीएफ बुक, पीडीएफ फ़ाइल से इस वेबसाइट के मालिक का कोई संबंध नहीं है और ना ही इसे हमारे सर्वर पर अपलोड किया गया है।

 

 

 

 

यह मात्र पाठको की सहायता के लिये इंटरनेट पर मौजूद ओपन सोर्स से लिया गया है। अगर किसी को इस वेबसाइट पर दिये गए किसी भी Pdf Books से कोई भी परेशानी हो तो हमें [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं, हम तुरंत ही उस पोस्ट को अपनी वेबसाइट से हटा देंगे।

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

एक सप्तक में पारंपरिक तौर पर सात स्वर होते हैं । इससे आगे अगर थोड़ी सी और बारीक जानकारी आपको दी जाए तो एक सप्तक में  दरअसल बारह स्वर होते हैं। 

 

 

 

इसको और आसानी से इस तरह समिझए कि अगर हम हारमोिनयम पर शुद्ध राग बजा रहे हो तो शुद्ध श और रे के बीच में एक और स्वर होता है, जिसे हम छोड़ देते हैं।

 

 

 

उसे कहते हैं  कोमल ‘र’। ऐसे ही कोमल ‘ग’ छोड़ते ह। ऐसे ही एक सप्तक में  हम जितने स्वर  को छोड़ते जाते हैं, अगर उसे भी जोड़ लिया  जाए तो एक सप्तक में 12 स्वर हो जाएँगे।

 

 

 

 

इसम से सात स्वर शुद्ध होते हैं और पाँच विकृत । विकृत स्वर  भी दो तरह क होते ह—कोमल और तीव्र।  ‘रे ’ ‘ग’ ‘ध’ ‘नि ’ कोमल या विकृत  हो सकते हैं ।

 

 

 

 

कोमल और विकृत  को थोड़ा और आसान करके  इस तरह भी समझा जा सकता हैं कि शुर  से ठीक पहलेवाला स्वर  कोमल स्वर होता है । बस ध्यान रखनेवाली बात यह है कि कोमल ‘म’ नहीं  होता। ‘म’ और ‘प’ क बीच, जो सुर छटता है , वह तीव्र  ‘म’ कहलाता है। 

 

 

 

अचल स्वर  ‘स’ और ‘प’ होते ह। कोमल स्वर के नीचे ‘हाइफन’ लगाते हैं और तीव्र के  ऊपर एक विन्दु लगा देते हैं। इसक अलावा कुछ और बात जानना जरूरी है। 

 

 

 

 

जिसमे  सबसे पहले आरोह-अवरोह, जो एक तरह स्वर की सीढ़ी हैं । आरोह में  हम सीढ़ी चढ़ते हैं और अवरोह म हम वापस आते हैं ।  ऐसे ही शुद्ध  और विकृत स्वर के  मेल से तमाम राग बने हैं। 

 

 

 

 

किसी भी राग के आरोह-अवरोह में  कम-से-कम पाँच-पाँच स्वर का होना जरुरी है । सभी राग में  वादी और संवादी स्वर होते हैं । आसान शब्द में  यह उस राग क दो सबसे मुख्य स्वर होते हैं। 

 

 

 

मित्रों, यह पोस्ट Kam kala Vilas Pdf आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!