India 2020 Pdf in Hindi / Bharat 2020 in Hindi Pdf

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको India 2020 Pdf in Hindi देने जा रहे हैं। आप नीचे की लिंक से Bharat Year Book 2021 in Hindi Pdf Download कर सकते हैं।

 

 

 

 

India 2020 Pdf in Hindi / India Year Book 2020 Pdf

 

 

 

 

 

 

India Year Book pdf in Hindi Free Download 

 

 

 

Note- Pdfbookshindi.in पर दी गयी किसी भी बुक के कॉपीराइट अधिकार नहीं हैं। यहां पर बुक्स सिर्फ जानकारी के लिए दी जाती हैं। अगर किसी भी बुक्स से किसी भी पब्लिकेशन या फिर किसी को कोई आपत्ति है तो कृपया हमें इस मेल आईडी [email protected] पर मेल करें।

 

 

 

यह पुस्तक भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह UPSC, State PCS, ARO, RO जैसे परीक्षाओं के लिए बेहद उपयोगी है, सो आप इसे ऊपर की लिंक से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।

 

 

 

अनुक्रम – 

 

 

अब चलिए इस बुक के अनुक्रम को जान लेते हैं, जिससे आपको इसे पढ़ने में और भी आसानी होगी।

 

 

1- भारत भूमि और उसके निवासी 

2- राष्ट्रीय प्रतीक 

3- राजनीतिक संरचना 

4- कृषि 

5- संस्कृति और पर्यटन 

6- मूल आर्थिक आंकड़े 

7- वाणिज्य 

8- रक्षा 

9- शिक्षा 

10- ऊर्जा 

11- पर्यावरण 

12- वित्त 

13- कार्पोरेट मामले 

14- खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले 

15- स्वस्थ्य और परिवार कल्याण 

16- आवाशन और शहरी कार्य 

17- भारत और विश्व 

18- उद्योग 

19- विधि और न्याय 

20- श्रम, कौशल विकास और रोजगार 

21- जनसंचार 

22- आयोजना 

23- ग्रामीण विकास 

24- वैज्ञानिक और प्रद्योगिकी विकास 

25- परिवहन 

26- जल संसाधन 

27- कल्याण 

28- युवा कार्यक्रम और खेल 

29- राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश 

30- राष्ट्रीय घटनाक्रम 

31- सामान्य सूचना 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए —

 

 

 

अविचल भाव से भगवान का ध्यान करना – कृष्ण कहते है – हे पार्थ ! जो व्यक्ति मेरा स्मरण करने में अपना मन निरंतर लगाए रखता है और अविचल भाव से भगवान के रूप में मेरा ध्यान करता है वह मुझको अवश्य ही प्राप्त होता है।

 

 

 

उपरोक्त शब्दों का तात्पर्य – भक्त हरे कृष्ण का जप करके अपनी पूजा के लक्ष्य परमेश्वर का उनके किसी भी रूप का नारायण, कृष्ण, राम आदि का निरंतर चिंतन कर सकता है। महामंत्र हरे कृष्ण का जप करने से कृष्ण की स्मृति हो आती है। यहां पर भगवान कृष्ण अपने किए जाने की महत्ता पर बल देते है। भगवान के शब्दोच्चार (ध्वनि) के जप तथा श्रवण के अभ्यास से मनुष्य के कान जीभ तथा मन व्यस्त रहते है। ऐसा करने से मनुष्य शुद्ध हो जाता है और निरंतर जप करने से जीवन के अंत में भगवद्धाम को जाता है। इस ध्यान का अभ्यास अत्यंत ही सुगम है और इससे परमेश्वर को प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

 

 

 

योग अंतःकरण के परमात्मा का ध्यान है। इसी प्रकार हरे कृष्ण के जप द्वारा मनुष्य अपने को परमेश्वर में स्थिर करता है। मन चंचल है अतः आवश्यक है कि मन को बल पूर्वक कृष्ण – चिंतन में लगाया जाय यद्यपि सारे जीव भगवान की तटस्था शक्ति है किन्तु वह भौतिक कल्मष से युक्त है। वह स्वयं को भोक्ता मानते है। पुरुषम का अर्थ भोक्ता है जबकि वह भोक्ता होते नहीं है।  स्पष्ट उल्लेख है कि भगवान ही अपने विभिन्न स्वरूपों तथा नारायण, वासुदेव तथा स्वाशो के रूप में परम भोक्ता है।

 

 

 

 

प्रायः उसी एक प्रकार के कीट का उदाहरण दिया जाता है जो तितली बनना चाहता है और वह इसी जीवन में तितली बन जाता है। इसी प्रकार यदि हम निरंतर कृष्ण का चिंतन करते रहे तो यह निश्चित है कि हम जीवन के अंत में कृष्ण जैसा शरीर प्राप्त कर सकेंगे।

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट India 2020 Pdf in Hindi आपको कैसी लगी जरूर बताएं और इस तरह की बुक के लिए इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

इसे भी पढ़ें —-  कौटिल्य अर्थशास्त्र हिंदी PDF डाउनलोड करें

 

 

Leave a Comment