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10 + Horror Novels in Hindi Pdf / हॉरर नॉवेल हिंदी Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको 10 + Horror Novels in Hindi Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से 10 + Horror Novels in Hindi Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से Vineet Bajpai Book Pdf Free Download In Hindi कर सकते हैं।

 

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10 + Horror Novels in Hindi Pdf Download

 

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

 

लोचन खेड़ा से चाचा जी आये हुए है। विरजू के घर का निर्माण भी पराग ही करवा रहे थे इसलिए तत्कालीन व्यवस्था मंडई में की गयी थी। कुछ समय के बाद कार्तिक एक लोटा लस्सी और पांच लड्डू लेकर आया। केशरी विरजू और कार्तिक तीनो लड्डू खाते हुए लस्सी पीने लगे जो गर्मी के मौसम के पूर्ण अनुकूल थी।

 

 

 

 

धीरे-धीरे दोपहर का समय हो गया। सभी मकान बनाने वाले कामगार भोजन करने के लिए चले गए। केशरी को विरजू ने मकान दिखाया जो बहुत ही उत्तम बन रहा था उन लोगो के साथ कार्तिक भी था। केशरी बोले – पराग भाई ने कलकत्ता से फोन किया था तुम्हे हमारे साथ कुछ दिन के लिए लोचन खेड़ा चलना होगा।

 

 

 

 

कुछ समय के बाद चुनमुन आयी और कार्तिक से बोली – कार्तिक भइया! भोजन तैयार हो गया है आप लोग भोजन कर लो। केशरी के साथ विरजू और कार्तिक तीनो भोजन करने चले गए। भोजन करते हुए कार्तिक देहात और शहर के भोजन की आपस में तुलना करने लगा।

 

 

 

 

देहात का भोजन शहर के भोजन से बीस था। शाम होने लगी थी केशरी के साथ कार्तिक भी लोचन खेड़ा जाने के लिए तैयार हो गया था। लेकिन तीन दिन में ही चुनमुन कार्तिक से बहुत घुल-मिल गयी थी इसलिए कार्तिक के जाने के बाद वह बहुत उदास हो गयी थी।

 

 

 

 

 

केशरी कार्तिक को लेकर लोचन खेड़ा आ गए थे। वहां पर उनके परिचित मित्र सूरज उनका इंतजार कर रहे थे जो मोहनपुर गांव के रहने वाले थे। केशरी और कार्तिक को देखकर सूरज बहुत प्रसन्न थे। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कई करोड़ की सम्पत्ति का स्वामी कार्तिक एक साधारण सा दिखने वाला यही लड़का कार्तिक है जो आज के समय की आधुनिकता से बहुत दूर है।

 

 

 

 

 

सूरज केशरी से बोले – मैं आप दोनों को मोहनपुर में अपने घर आने के लिए आमंत्रित करता हूँ। दिन ढलता जा रहा था इसलिए सूरज अपने गांव मोहनपुर के लिए निकल पड़े।

 

 

 

 

अपने घर एक घंटे रुकने के बाद केशरी अपने साथ कार्तिक को लेकर मोहनपुर सूरज के घर आ गए थे। सूरज के साथ उसकी धर्मपत्नी गौरी और उसका लड़का विनीत था जो इस समय कानपुर से अपने गांव मोहनपुर आया था। सूरज के भाई की लड़की अभी कुछ दिन पहले ही कलकत्ता से मोहनपुर आयी थी वह भी वहां उपस्थित थी।

 

 

 

 

सभी लोग कार्तिक और केशरी को देखकर खुश थे लेकिन सूरज के भाई की लड़की आभा अपनी नजरे चुराने लगी उसे लगा कही कार्तिक उसे पहचान गया तो क्या होगा? जबकि कार्तिक का सारा ध्यान इस समय गांव में घूमने पर लगा था क्योंकि शहर में इतनी स्वतंत्रता कहाँ मिलती है?

 

 

 

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