Advertisements

Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf / हस्त रेखा ज्ञान इन हिंदी Pdf Download

Advertisements

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से  कीरो हस्त रेखा ज्ञान इन हिंदी Pdf Download और  सरल हस्तरेखा शास्त्र Pdf भी पढ़ सकते हैं।

 

Advertisements

 

 

Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf / हस्त रेखा ज्ञान इन हिंदी पीडीऍफ़ 

 

 

 

हस्त रेखा ज्ञान इन हिंदी पीडीएफ डाउनलोड 

 

Advertisements
Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf
Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf
Advertisements

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

फिर यह तो हमेशा ही घटता-बढ़ता रहता है और विरहिणी स्त्रियों को दुःख देता है। इसे अपनी संधि में पाकर राहु ग्रस लेता है। चकवा नामक पक्षी को शोक देता है, कमल का बैरी है और उसे मुरझा देता है, हे चन्द्रमा! तुम्हारे अंदर बहुत से अवगुण है।

 

 

 

2- अतः जानकी जी के मुख की उपमा तुमसे करने पर बड़ा अनुचित कर्म दोष लगेगा। इस प्रकार चन्द्रमा को बहाना बनाकर सीता जी के मुख की छवि का वर्णन करते हुए बड़ी रात हुई जानकर वह गुरु जी के पास चले।

 

 

 

3- मुनि के चरणों में प्रणाम करके, आज्ञा पाकर उन्होंने विश्राम किया। रात बीत जाने पर श्री राम जी जाग उठे और भाई को देखकर ऐसा कहने लगे।

 

 

 

4- हे तात! देखो, कमल, चक्रवाक और समस्त संसार को सुख देने वाला अरुणोदय हो गया है। लक्ष्मण दोनों हाथ जोड़कर प्रभु के प्रभाव को सूचित करने वाली कोमल वाणी बोले।

 

 

 

238- दोहा का अर्थ-

 

 

 

अरुणोदय होने से कुमुदिनी सकुचा गई, तारागण का प्रकाश फीका पड़ गया, जिस प्रकार आपके आने की बात सुनकर सब राजा बलहीन हो गए।

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- सब राजा रूपी तारो का प्रकाश तो मंद रहता है, उनके द्वारा नुष रूपी गहन अंधकार नहीं मिट सकता है। रात्रि का अंत होने से जैसे कमल, भौरे, चकवे और नाना प्रकार के पक्षी हर्षित हो रहे है।

 

 

 

2- वैसे ही हे प्रभो! नुष के टूटने पर आपके सभी भक्त सुखी होंगे। सूर्य के उदय होने से बिना परिश्रम ही अंधकार का नाश हो गया, तारे छिप गए और तेज का प्रकाश हो गया।

 

 

 

3- हे रघुनाथ जी! सूर्य ने अपने बहाना स्वरुप सब राजाओ प्रभु आपका प्रताप दिखलाया है। आपकी भुजाओ की महिमा को उद्घाटित करने के लिए, दिखाने के लिए ही यह धनुष तोड़ने की पद्धति प्रकट हुई है।

 

 

 

 

4- भाई के वचन सुनकर श्री राम जी हंसने लगे। फिर स्वभाव से ही पवित्र श्री राम जी ने शौच से निवृत्त होकर स्नान किया और नित्य कर्म करके वह गुरु जी के पास आये। आकर उन्होंने गुरु जी के सुंदर चरण कमलो में सिर नवाया।

 

 

 

5- तब जनक जी ने शतानन्द जी को बुलाया और उन्हें तुरंत ही विश्वामित्र मुनि के पास भेजा। उन्होंने आकर जनक जी की विनती सुनाई। विश्वामित्र जी ने हर्षित होकर दोनों भाइयो को बुलाया।

 

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट Hast Rekha Gyan in Hindi Pdf आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!