Advertisements

Hanuman Jyotish Book Pdf / हनुमान ज्योतिष पुस्तक pdf

Advertisements

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Hanuman Jyotish Book Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Hanuman Jyotish Book Pdf Download कर सकते हैं और यहां से  हनुमान शाबर मंत्र Pdf Download कर सकते हैं।

Advertisements

 

 

 

 

 

 

Hanuman Jyotish Book Pdf Download

 

 

 

Advertisements
Gupt Hanuman Mantra Pdf
गुप्त हनुमान मंत्र Pdf Download
Advertisements

 

 

 

Advertisements
Hanuman Shabar Mantra Pdf Hindi
यहां से Hanuman Shabar Mantra Pdf Download करें।
Advertisements

 

 

 

Advertisements
हनुमान ज्योतिष : हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - धार्मिक | Hanuman Jyotish : Hindi PDF Book - Religious (Dharmik)
हनुमान ज्योतिष पुस्तक pdf Download
Advertisements

 

 

 

 

Note- इस वेबसाइट पर दिये गए किसी भी पीडीएफ बुक, पीडीएफ फ़ाइल से इस वेबसाइट के मालिक का कोई संबंध नहीं है और ना ही इसे हमारे सर्वर पर अपलोड किया गया है।

 

 

 

यह मात्र पाठको की सहायता के लिये इंटरनेट पर मौजूद ओपन सोर्स से लिया गया है। अगर किसी को इस वेबसाइट पर दिये गए किसी भी Pdf Books से कोई भी परेशानी हो तो हमें [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं, हम तुरंत ही उस पोस्ट को अपनी वेबसाइट से हटा देंगे।

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

तात्या टोपे से जुड़े रोचक तथ्य – Facts About Tatya Tope

 

 

 

1) तात्या टोपे ने अंग्रेजों के खिलाफ करीब 150 युद्ध लड़े थे।

2) कहा जाता है कि इनकी वजह से 10 हजार सैनिक मारे गिए थे।

3) मध्य प्रदेश में तात्या मेमोरियल पार्क भी बना हुआ है।

 

 

 

तात्या टोपे की मृत्यु – Tatya Tope Death

 

 

 

तात्या टोपे का जीवन परिचय के बाद जानते हैं तात्या टोपे की मृत्यु कैसे हुई? तात्या टोपे की मृत्यु कैसे हुई इसके बारे में कई मतभेद है। कुछ इतिहासकारों का माना है कि नरवर के शासक मानसिंह जी ने तात्या टोपे के साथ धोखा किया था और जब ये जंगल में आराम कर रहे थे ।

 

 

 

तब इस बात की जानकारी मानसिंह कने अंग्रेजो को दे दी थी। जिसके बाद तात्या टोपे (tatya tope in hindi) को पकड़ लिया गया था। पकड़ने के बाद इनके खिलाफ केस चलाया गया और इन्हें फांसी की सजा दी गई। 18 अप्रैल, 1859 में तात्या टोपे को फांसी दी गई थी।

 

 

रानी लक्ष्मी बाई का जन्म

 

 

 

रानी लक्ष्मीबाई जी का जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के काशी में सन 1828 ईस्वी में हुआ था। वर्तमान समय में काशी को वाराणसी के नाम से जाना जाता है। महारानी लक्ष्मी बाई का जन्म में एक महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

 

 

 

महारानी लक्ष्मीबाई के पिता का नाम मोरोपंत तांबे था। रानी लक्ष्मीबाई के पिता विट्ठल में न्यायालय में एक पेशवा के पद पर थे। रानी लक्ष्मी बाई के माता का नाम भागीरथी बाई था। महारानी लक्ष्मी बाई की माता एक बहुत ही अच्छी गृहणी थी।

 

 

 

रानी लक्ष्मीबाई का प्रारंभिक जीवन

 

19 नवंबर 1828 का वह दिन जब भारतीय इतिहास में मोरेपंथ तांबे, भागीरथी बाई के यहां गंगा के पावन तट उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अद्भुत बालिका का जन्म हुआ, माता-पिता ने जिसे मणिकार्णिका नाम दिया। प्यार से नाम रखा मनु।

 

 

 

मनु जब 4 वर्ष की थी तब इनके माता भागीरथी बाई का आकस्मिक निधन हो गया तब इनकी संपूर्ण जवाबदारी इनके पिता मोरेपंथ तांबे पर आ गई।

 

 

 

इनके पिता बाजीराव द्वितीय के दरबार में दरबारी थे। मनु बचपन से ही अपने पिता के साथ बाजीराव द्वितीय के दरबार में जाने लगी थी।

 

 

 

पिता तो राज कार्य में व्यस्त हो जाते थे परंतु मनु अपने चंचल स्वभाव के कारण इधर उधर दौड़ा करती थी। मनु की चंचलता को देखकर दरबारी उन्हें छबीली कहकर भी बुलाते थे।

 

 

 

महारानी लक्ष्मीबाई घुड़सवारी और तलवारबाजी में बहुत ही ज्यादा कुशाग्र थी। अतः इसी कारण से इन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन में ही अपनी इस शिक्षा को अपने राज्य झांसी को बचाने में किया था। क्योंकि उनके पति मराठा साम्राज्य के शासक थे, इस कारण यह मराठा साम्राज्य की महारानी कहलाई।

 

 

 

महारानी लक्ष्मी बाई का बचपन का नाम मणिकर्णिका था, परंतु लोग उन्हें बड़े ही प्यार से मनु कह करके बुलाते थे। रानी लक्ष्मीबाई को मनु नाम से केवल उनके परिवार वाले और उनके प्रिय जन ही बुलाते थे।

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट Hanuman Jyotish Book Pdf आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और इस तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

Leave a Comment

Advertisements
error: Content is protected !!