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Durga Aawahan Mantra In Hindi Pdf / दुर्गा आव्हान मंत्र इन हिंदी Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Durga Aawahan Mantra In Hindi Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Durga Aawahan Mantra In Hindi Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से दुर्गा सप्तशती PDF फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।

 

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Durga Aawahan Mantra In Hindi Pdf / दुर्गा आवाहन मंत्र इन हिंदी पीडीएफ

 

 

 

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Durga Aawahan Mantra In Hindi Pdf
दुर्गा आवाहन मंत्र इन हिंदी Pdf Download
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Durga Aawahan Mantra
दुर्गा सहस्त्रनाम Pdf in Hindi
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Durga Aawahan Mantra
दुर्गा कवच हिंदी Pdf
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Durga Aawahan Mantra In Hindi Pdf
Maa Durga Mantra Pdf Download
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दुर्गा आवाहन मंत्र इन हिंदी

 

 

श्रीजगदम्बायै दुर्गादेव्यै नमः। दुर्गादेवीमावाहयामि। 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

4- जब किसी ने कोई सहमति नहीं दी तो राजा ने धीरज रखते हुए हृदय में विचार कर चार चतुर गुप्तचर (जासूस) अयोध्या को भेज दिए और उनसे कह दिया कि तुम लोग श्री राम जी के प्रति भरत जी का सद्भाव या दुर्भाव, विरोध या यथार्थ पता लगाकर जल्दी से लौट आना किसी को भी तुम्हारा पता न लगने पाए।

 

 

 

 

271- दोहा का अर्थ-

 

 

 

गुप्तचर अवध को गए और भरत जी का ढंग जानकर और उनकी करनी देखकर, जैसे ही भरत जी चित्रकूट को चले, वह तिरहुत (मिथिला) को चल दिए।

 

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- गुप्त दूतो ने आकर राजा जनक जी की सभा में भरत जी की करनी का अपनी बुद्धि के अनुसार वर्णन किया। उसे सुनकर गुरु, कुटुम्बी, मंत्री और राजा सभी सोच और स्नेह से व्याकुल हो गए।

 

 

 

 

2- फिर जनक जी ने धीरज रखकर और भरत जी की बड़ाई करके अच्छे योद्धाओ और साहनीयो को बुलाया। घर, नगर, देश की रक्षा के लिए रक्षको के घोड़े, हाथी और सवारियां सजवाई।

 

 

 

 

3- वह दो घरी का मुहूर्त साथकर उसी समय चल पड़े। राजा ने रास्ते में कही भी विश्राम नहीं किया और आज ही प्रयागराज में स्नान करके चले आ रहे है। जब सब लोग यमुना जी उतरने लगे।

 

 

 

 

4- तब हे नाथ! हमे खबर लेने के लिए भेजा। उन दूतो ने इतना कहकर पृथ्वी पर सिर नवाया। मुनिवर वशिष्ठ जी ने छः सात भीलों को साथ देकर दूतो को तुरंत ही विदा कर दिया।

 

 

 

 

272- दोहा का अर्थ-

 

 

 

जनक जी का आगमन सुनकर अयोध्या का सारा समाज हर्षित हो गया। श्री राम जी को बड़ा संकोच हुआ और देवराज इंद्र तो विशेष रूप से सोच के वश हो गए।

 

 

 

 

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