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Dhyan Yog / Osho Dhyan Vigyan / Bhagat Singh Ke Dastavej

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Dhyan Yog / Osho Dhyan Vigyan / Bhagat Singh Ke Dastavej  देने जा रहे हैं। आप नीचे की लिंक से इसे फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।

 

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Dhyan Yog / Osho Dhyan Vigyan / Bhagat Singh Ke Dastavej

 

 

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Dhyan Yog Osho Dhyan Vigyan
Osho Dhyan Vigyan Pdf Download
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Dhyan Yog
प्रथम और अंतिम मुक्ति pdf download यहां से करे।
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भगत सिंह के सम्पूर्ण दस्तावेज pdf
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मैं नास्तिक क्यों हूँ भगत सिंह pdf download यहां से करे।
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Bhagat Singh Jail Diary Hindi Pdf Download यहां से करे।
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सिर्फ पढ़ने के लिए 

 

 

 

अव्यक्त निराकार के प्रति आसक्ति (अत्यंत कष्टप्रद) – भगवान कहते है – जिन लोगो के मन परमेश्वर के अव्यक्त, निराकार स्वरुप के प्रति आशक्त है तो उनके लिए प्रगति कर पाना अत्यंत कष्टप्रद है। देहधारियों के लिए उस क्षेत्र में प्रगति कर पाना अत्यंत दुष्कर होता है।

 

 

 

 

उपरोक्त शब्दों का तात्पर्य – वैदिक साहित्य में साक्ष्य मिलता है कि पूजा सगुण तथा निर्गुण हो सकती है। निःसंदेह मंदिर में परमेश्वर के स्वरुप की पूजा मूर्ति नहीं है।

 

 

 

 

मंदिर में विग्रह पूजा सगुण पूजा कहलाती है क्योंकि भगवान को भौतिक गुणों के द्वारा ही प्रदर्शित किया जाता है। लेकिन भगवान के स्वरुप को चाहे पत्थर लकड़ी या तैल चित्र जैसे भौतिक गुणों द्वारा चाहे क्यों न अभिव्यक्त किया जाय वह वास्तव में भौतिक नहीं होता है। यही ईश्वर की परम प्रकृति है।

 

 

 

 

 

अध्यात्मवादियों का समूह जो परमेश्वर के अचिन्त्य, अव्यक्त तथा निराकार स्वरुप का अनुसरण करता है। वह ज्ञान योगी कहलाता है और जो व्यक्ति भगवान की पूजा में रत होकर भक्ति करता है और पूर्ण रूप से कृष्ण भावनामृत में रहते है उन्हें भक्ति योग कहा जाता है।

 

 

 

 

यहां पर ज्ञान योग तथा भक्ति योग में निश्चित रूप से अंतर बताया गया है। ज्ञान योग का पथ कष्टप्रद है लेकिन वह भी उसी लक्ष्य (कृष्ण) तक पहुंचता है।

 

 

 

 

जबकि भक्ति योग में भगवान की प्रत्यक्ष सेवा होने के कारण ही यह पथ सुगम होता है और देहधारी के लिए स्वाभाविक भी है क्योंकि जीव अनादि काल से ही देहधारी है।

 

 

 

 

अतः भक्ति योगी कृष्ण के विग्रह को पूज्य मानता है क्योंकि उसके मन में कही न कही शारीरिक बोध अवश्य ही रहता है। जिसे इस रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है।

 

 

 

 

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