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Brihad Indrajal Pdf / वृहद इंद्रजाल पीडीएफ

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Brihad Indrajal Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Brihad Indrajal Pdf download कर सकते हैं और आप यहां से Indrajaal Book कर सकते हैं।

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Brihad Indrajal Pdf

 

 

पुस्तक का नाम   Brihad Indrajal Pdf
पुस्तक के लेखक  श्री प. श्री मणी शुक्ल 
भाषा  हिंदी 
साइज  45.8 Mb 
पृष्ठ  412 
फॉर्मेट  Pdf 
श्रेणी  तंत्र-मंत्र 

 

 

 

वृहद इंद्रजाल पीडीएफ डाउनलोड

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

भले ही 15 अगस्त, 1945 को भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई, लेकिन संविधान सभा का गठन उससे कुछ समय पहले ही कर लिया गया था। संविधान निर्माण में भीमराव अंबेडकर व राजेंद्र प्रसाद ने मुख्य भूमिका निभाई थी। भारतीय संविधान समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद चुने गए। संविधान पर हस्ताक्षर करके डॉ प्रसाद ने ही इसे मान्यता दी।

 

डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रमुख रचनाएं निम्नलिखित हैं- भारतीय शिक्षा, गांधी जी की देन, शिक्षा और संस्कृत साहित्य, मेरी आत्मकथा, बापूजी के कदमों में, मेरी यूरोप यात्रा, संस्कृत का अध्ययन, चंपारण में महात्मा गांधी और खादी का अर्थशास्त्र आदि।

 

 

 

डॉ राजेंद्र प्रसाद की भाषा सरल, सुबोध और व्यवहारिक है। इनके निबंधों में संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, बिहारी शब्दों का प्रयोग हुआ है। इसके अतिरिक्त जगह-जगह ग्रामीण कहावतों और शब्दों का भी प्रयोग हुआ है। इन्होंने भावानुरूप छोटे बड़े वाक्यों का प्रयोग किया है।

 

 

 

इनकी भाषा में बनावटीपन नहीं है। डॉ राजेंद्र प्रसाद की शैली भी उनकी भाषा की तरह ही आडंबर रहित है। इसमें इन्होंने आवश्यकतानुसार ही छोटे बड़े वाक्यों का प्रयोग किया है। इनकी शैली के मुख्य रूप से दो रूप प्राप्त होते हैं – साहित्यिक शैली और भाषण शैली।

डॉ राजेंद्र प्रसाद ‘सरल सहज भाषा और गहन विचारक’ के रूप में सदैव स्मरण किए जाएंगे। यही सादगी इनके साहित्य में भी दृष्टिगोचर होती है। हिंदी की आत्मकथा साहित्य में संबंधित सुप्रसिद्ध पुस्तक ‘मेरी आत्मकथा’ का विशेष स्थान है।

 

 

 

ये हिंदी के अनन्य सेवक और उत्साही प्रचारक थे, जिन्होंने हिंदी की जीवन पर्यंत सेवा की। इनकी सेवाओं का हिंदी जगत सदैव ऋणी रहेगा। 28 फरवरी 1963 को डॉ प्रसाद का निधन हो गया। उनके जीवन से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं हैं जो यह प्रमाणित करते हैं कि राजेंद्र प्रसाद बेहद दयालु और निर्मल स्वभाव के थे।

 

 

 

भारतीय राजनीतिक इतिहास में उनकी छवि एक महान और विनम्र में राष्ट्रपति की है। बिहार की राजधानी पटना में प्रसाद जी की याद में राजेंद्र स्मृति संग्रहालय का निर्माण कराया गया। राजेंद्र प्रसाद हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति थे। डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 जीरादेई में हुआ, जो सारण का एक गांव है। राजेंद्र प्रसाद के पूर्वज मूल रूप से कुआं गांव अमोरा उत्तर प्रदेश के निवासी थे।

 

 

 

राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे वे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे, जिन्होंने भारतीय राष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई उन्होंने भारत के निर्माण में भी अपना योगदान दिया था। राजेंद्र प्रसाद के पिता महादेव संस्कृत के विद्वान थे और उनकी माता कमलेश्वरी देवी धर्म परायण महिला थी।

 

 

 

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