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Brahman Vanshavali Pdf Hindi / ब्राह्मण वंशावली PDF

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Brahman Vanshavali Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Brahman Vanshavali Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से ब्राह्मण गोत्रावली Pdf भी पढ़ सकते हैं।

 

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Brahman Vanshavali Pdf / ब्राह्मण वंशावली पीडीएफ 

 

 

 

ब्राह्मण वंशावली पीडीएफ डाउनलोड 

 

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Brahman Vanshavali Pdf Hindi
Brahman Vanshavali Pdf Hindi
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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

हे राजन! अब देर न कीजिए, शीघ्र सब सामान सजाइये। शुभ दिन और मंगल तभी है जब श्री राम जी युवराज हो जाए अर्थात उनके अभिषेक के लिए सभी दिन शुभ और मंगलमय है।

 

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- राजा आनंद चित्त होकर अपने महल में आये और उन्होंने सेवको को तथा मंत्री सुमंत्र को बुलवाया, उन लोगो ने आकर ‘जय जीव’ कहते हुए सिर नवाया। तब राजा ने सुंदर वचन के द्वारा श्री राम जी को युवराज पद देने का प्रस्ताव सुनाया।

 

 

 

 

2- और कहा – यदि पंचो आप सबको यह मत अच्छा लगे तो, हृदय में हर्षित होकर श्री राम जी का राजतिलक कीजिए।

 

 

 

 

3- इस प्रिय वाणी को सुनकर मंत्री ऐसे आनंदित हुए मानो उनके मनोरथ रूपी पौधे पर पानी पड़ गया हो। मंत्री हाथ जोड़कर विनती करते है कि आप करोडो वर्ष के लिए।

 

 

 

 

4- आपने सारे जगत के कल्याण स्वरुप मंगल कार्य सोचा है। हे नाथ! शीघ्रता कीजिए, देर न लगाइये। राजा मंत्रियों की सुंदर वाणी को सुनकर ऐसे आनंद मग्न हुए मानो बढ़ी वेल (लता) को डाली का सहारा मिल गया हो।

 

 

 

5- दोहा का अर्थ-

 

 

 

राजा ने कहा – श्री राम जी राज्याभिषेक के लिए, मुनिराज वशिष्ठ जी को भी आज्ञा हो, आप लोग वह सब तुरंत करे।

 

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

 

1- मुनिराज ने हर्षित होकर अपनी कोमल वाणी से कहा कि सम्पूर्ण श्रेष्ठ तीर्थो का जल ले आओ। फिर उन्होंने औषधि, मूल, फूल, फल और पत्र आदि अनेको मांगलिक वस्तुओ के नाम को गिनकर बताया।

 

 

 

 

2-बहुत प्रकार के वस्त्र, असंख्य प्रकार के ऊनी और रेशमी कपड़े, नाना प्रकार की मणियां, रत्न तथा और भी बहुत सी मंगल कारक वस्तुए जो संसार में राज्याभिषेक के योग्य होती है वह सब उन्होंने मंगाने की आज्ञा दी।

 

 

 

3- मुनि ने वेद वर्णित सब विधान को बताते हुए कहा – नगर में बहुत से मंडप (चंदोवे) सजाओ। फलो सहित आम,  केले के वृक्ष नगर की गलियों में चारो ओर लगा दो।

 

 

 

 

4- सुंदर मणियों के मनोहर चौक पुरवाओ और बाजार को तुरंत सजाने के लिए कह दो। गणेश जी, गुरु और कुलदेवता की पूजा करो और भूदेव ब्राह्मणो की सब प्रकार से सेवा करो।

 

 

 

 

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