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Ashtanga Hridayam Pdf in Hindi / अष्टांग हृदयम Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Ashtanga Hridayam Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Ashtanga Hridayam Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से  योगा बुक्स फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।

 

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Ashtanga Hridayam Pdf / अष्टांग हृदयम पीडीएफ

 

 

अष्टांग हृदयम हिंदी pdf Download

 

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Ashtanga Hridayam Pdf
Ashtanga Hridayam Pdf
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अष्टांग हृदयम राजीव दीक्षित Pdf Download

 

 

 

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

 

श्री राम जी ने उस वन को भी छोड़ दिया और वह आगे चले। दोनों भाई मनुष्यो में सिंह और अतुलनीय रूप से बलवान है। प्रभु विरही की तरह विषाद करते हुए अनेक कथाये और संवाद कहते है।

 

 

 

 

हे लक्ष्मण जरा वन की शोभा तो देखो। इसे देखकर किसका मन क्षुब्ध नहीं होगा? पक्षी और पशुओ के समूह सभी स्त्री सहित है। मानो वह मेरी निंदा कर रहे है।

 

 

 

 

हमे देखकर हिरन के समूह जब डर से भागने लगते है तब हिरनियां उनसे कहती है – तुम्हे भय नहीं है तुम तो साधारण हिरनो से पैदा हुए हो अतः तुम आनंद करो। ये तो सोने का मृग ढूढ़ने आये है।

 

 

 

 

हाथी हथिनियों को अपने संग लगा लेते है मानो मुझे शिक्षा दे रहे है कि स्त्री को कभी अकेली नहीं छोड़नी चाहिए। भली-भांति चिंतन किए हुए शास्त्र को भी बार-बार देखते रहना चाहिए। अच्छी तरह सेवा किए हुए राजा को भी वश में नहीं समझना चाहिए।

 

 

 

 

स्त्री को चाहे हृदय में क्यों न रखा जाय परन्तु युवती स्त्री शास्त्र और राजा किसी के वश में नहीं रहते है। हे तात! इस सुंदर बसंत को तो देखो यह प्रिया के बिना मुझको भय उत्पन्न कर रहा है।

 

 

 

 

37- दोहा का अर्थ-

 

 

 

 

मुझे विरह से व्याकुल बलहीन और अकेला जानकर कामदेव ने वन भौरो और पक्षियों को साथ लेकर मुझे चिढ़ा रहे है। परन्तु उसका दूत यह देख गया कि मैं अकेला नहीं हूँ भाई के साथ हूँ। तब उसकी बात को सुनकर कामदेव ने मानो आदमियों को रोककर डेरा डाल दिया है।

 

 

 

 

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