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Achhut Kaun The Pdf / अछूत कौन थे Pdf Download

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Achhut Kaun The Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Achhut Kaun The Pdf Download कर सकते हैं और यहां से डा.भीमराव आंबेडकर बुक्स Pdf Download कर सकते हैं।

 

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Achhut Kaun The Pdf Download

 

 

पुस्तक का नाम अछूत कौन थे Pdf
पुस्तक की साइज 143.15 Mb 
पुस्तक के लेखक डा. भीमराव अम्बेडकर 
पुस्तक की भाषा हिंदी 
कुल पृष्ठ 204 
श्रेणी History 
फॉर्मेट Pdf 

 

 

 

 

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अछूत कौन थे Pdf
अछूत कौन थे Pdf यहां से डाउनलोड करे।
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सिर्फ पढ़ने के लिये

 

 

 

नरेश और विवेक दोनों ही रघुराज के साथ विचार विमर्श कर रहे थे। नरेश और विवेक दोनों का यही विचार था कि पढ़ाई आगे जारी रखना चाहिए लेकिन रघुराज का विचार था कि नरेश और विवेक दोनों एक साथ मिलकर प्रताप भारती की कम्पनी का संचालन करे क्योंकि उसी के माध्यम से ही कितने लोगो का भविष्य संवर गया था।

 

 

 

 

उसमे नरेश और विवेक भी एक थे। बहुत विचार विमर्श के बाद नरेश और विवेक ने कहा कि रजनी और सुधीर भी तो बंगलोर जा सकते है तभी रघुराज बोले वह दोनों जो कम्पनी चला रहे है और एक सौ आदमियों के जीवन यापन का सहारा है उसे कौन संभालेगा? क्योंकि उन दोनों ने अपने स्वप्न पूर्ति के लिए पढ़ाई को बाधा नहीं बनने दिया?

 

 

 

 

रघुराज ने फिर कहा यह सत्य है कि पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है लेकिन ऊंचाई पर जाने के बाद अगर लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई तो फिर नीचे आने में व्यक्ति स्वयं को शर्मिंदा समझने लगता है। अगर व्यक्ति के हृदय में सेवा भावना है तथा सेवा करने का साधन उपलब्ध हो रहा है तो उसे अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।

 

 

 

 

नरेश और विवेक पुनः बोले प्रताप भारती के नहीं रहने पर डा. निशा भारती और उनका लड़का रोशन उस कम्पनी पर अपना अधिकार जताने लगेंगे तब ऐसी दशा में वहां का प्रबंध कार्य असंभव हो जायेगा और हम लोगो के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह लग जायेगा।

 

 

 

 

रघुराज बोले तुम दोनों ठीक कह रहे हो और मैं भी तुम्हारी चिंता से सहमत हूँ और इसी समय मैं प्रताप भारती से बात करता हूँ और उन्होंने प्रताप भारती को फोन मिलाया। दूसरी तरफ से प्रताप भारती ने फोन उठाया और बोले हां रघु भाई बताओ क्या बात है?

 

 

 

 

रघु ने दूसरी तरफ से उत्तर दिया मैंने नरेश और विवेक से आपसे कहने के अनुसार ही बात किया था वह दोनों ही बंगलोर आपके पास जाने के लिए तैयार है लेकिन उनकी भी कुछ परेशानी है जिसका वह दोनों निराकरण कर लेना चाहते है।

 

 

 

 

प्रताप भारती समझ गए थे और बोले उन दोनों की शंका का समाधान मैं कर दूंगा और सब कुछ कोर्ट द्वारा ही रजिस्टर्ड हो जायेगा। प्रताप ने कहा जिसे भी अपनी कम्पनी का प्रबन्धक नियुक्त करूँगा वह कोर्ट द्वारा हमारी कम्पनी का व्यवस्थापक होगा और उसे हमारे अलावा कोई नहीं हटा सकता है।

 

 

 

 

दूसरी बात निशा भारती हमारी लड़की है। हमारे नहीं रहने पर उसका इस कम्पनी के आधे हिस्से पर ही अधिकार रहेगा और निशा भारती अपनी इच्छा पर ही वर्तमान व्यवस्थापक को भी अपनी हिस्से वाली कम्पनी की व्यवस्था देखने के लिए कह सकती है।

 

 

 

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