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84 Yoga Asanas Pdf Hindi Download / 84 योग आसन Pdf

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नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको 84 Yoga Asana Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से 84 Yoga Asana Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से योगा बुक्स फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।

 

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84 Yoga Asana Pdf / 84 योग आसन पीडीएफ

 

 

 

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Yoga Asanas Pdf Hindi Download
84 योग आसन Pdf Download 
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Ashtanga Yoga Pdf in Hindi
अष्टांग योग पीडीऍफ़ डाउनलोड 
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Yogasan Aur Pranayam Pdf
योगासन और प्राणायाम पीडीऍफ़ डाउनलोड 
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योग वशिष्ठ पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड

 

 

 

 

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

 

 

जहां-तहां श्रेष्ठ मुनियो ने लोगो को अपरिमित उपदेश दिए और वशिष्ठ जी ने जनक जी से कहा – हे राजन! आप धैर्य धारण करिये।

 

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

 

1- जिन राजा जनक का ज्ञान रूपी सूर्य, भव (आवागमन रूपी) रात्रि का नाश कर देता है और जिसकी वचन रूपी किरणे मुनि रूपी कमल को खिला देती है और आनंद प्रदान कर देती है क्या मोह और ममता उनके निकट भी आ सकते है?

 

 

 

 

यह तो सीता जी और श्री राम जी के प्रेम की महिमा है। अर्थात राजा जनक की प्रेम-पूरित दशा सीता राम जी के अलौकिक प्रेम के कारण हुई है।

 

 

 

 

लौकिक मोह ममता के कारण नहीं, जो लोग लौकिक मोह ममता को पार कर चुके है उनके ऊपर भी सीता राम जी का प्रभाव अवश्य होता है।

 

 

 

 

2- विषयी, साधक और ज्ञानवान सिद्ध पुरुष, तीन प्रकार जीव को वेदो ने इस जगत में बताया है। इन तीनो में जिसका चित्त श्री राम जी के स्नेह से सरस और सराबोर रहता है। साधुओ की सभा में उसका बहुत ही आदर होता है।

 

 

 

 

3- श्री राम जी के प्रेम के बिना ज्ञान शोभा नहीं देता है। जैसे कर्णधार के बिना जहाज। विदेह राज जनक जी को वशिष्ठ जी ने बहुत प्रकार से समझाया तदनन्तर सब लोगो ने श्री राम जी के घाट पर स्नान किया।

 

 

 

 

4- सभी स्त्री-पुरुष शोक से पूर्ण थे। वह दिन बिना जल के ही बीत गया, भोजन की तो बात ही दूर थी। पशु, पक्षी और हिरन तक ने भी कुछ आहार नहीं किया। तब प्रियजन और कुटुंबियो का विचार क्या किया जाय?

 

 

 

 

277- दोहा का अर्थ-

 

 

 

निमिराज जनक जी और रघुराज श्री राम जी तथा दोनों तरफ के समाज ने दूसरे दिन सबेरे स्नान किया और वट वृक्ष के नीचे जाकर बैठे। सबके मन उदास तथा दुबले हो गए थे।

 

 

 

 

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